सोमवार, 22 दिसंबर 2025

वृंदावन घूमने की जगह नहीं है, यह आत्मा से जुड़ने का स्थान है

आजकल बहुत लोग वृंदावन आने से पहले पूछते हैं 
वृंदावन में घूमने के लिए क्या-क्या है?
मैं आप सभी को विनम्रता से कहना चाहता हूँ कि वृंदावन घूमने की जगह नहीं है।

वृंदावन वह स्थान है जहाँ इंसान अपने भीतर की आत्मा के अनुभव से जुड़ता है।
वृंदावन कोई टूरिस्ट स्पॉट नहीं है जहाँ आप आएँ फोटो लें और चले जाएँ।

यह वह स्थान है जहाँ इंसान बाहर से कम और अंदर से ज़्यादा चलता है।
यहाँ की गलियाँ, मंदिर संतों की वाणी —
सब कुछ आपको रोकता है, दौड़ने नहीं देता।
वृंदावन जल्दी समझ में नहीं आता
यह धीरे-धीरे खुलता है।
घूमना और वृंदावन आना — दोनों में फर्क है
घूमने की जगहों पर लोग आनंद खोजते हैं।
वृंदावन में लोग परम सत्य की खोज में आते हैं।
यहाँ कोई बड़ा मनोरंजन नहीं है,
कोई दिखावा नहीं है,
कोई लक्ज़री नहीं है।
यहाँ है —
सादगी,
प्रतीक्षा,
और मौन।
अगर आप वृंदावन को होटल रील और टाइम-पास की नज़र से देखेंगे
तो शायद आपको निराशा मिले।
लेकिन अगर आप बिना ज़्यादा उम्मीद के,
चुपचाप यहाँ आकर बैठ गए,
तो जीवन की दिशा बदल सकती है।
वृंदावन किसे बुलाता है?
वृंदावन उन्हें बुलाता है —
जो जीवन से थक चुके होते हैं,
जिनका मन भारी होता है,
जिन्हें उत्तर नहीं मिल रहे होते।
यहाँ भगवान बाहर नहीं दिखते,
यहाँ भगवान भीतर महसूस होते हैं।

मेरा अनुभव जब मैं वृंदावन आया, तो वहाँ जो अनुभव हुआ उसे शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं है।

वृंदावन आने वाले यात्रियों के लिए छोटा सा निवेदन

   जो लोग अपने आध्यात्मिक जीवन को लेकर बहुत ज्यादा सीरियस हैं वह लोग नीचे की ओर देखकर चलें ज्यादा बातें ना करें कम बोलें मोबाइल कम देखें सुबह 4:00 बजे उठ जाए
हर जगह नहीं, एक जगह ठहर कर आप के अन्दर एक दिव्य प्रकाश है महसूस करें 

अंत में
अगर आप वृंदावन आ रहे हैं,
तो कुछ छोड़ कर आइए —
जल्दबाज़ी, अपेक्षाएँ और अहंकार।
वृंदावन आपको वही देता है
जिसकी आपकी आत्मा को सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।
🙏

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